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मंगलवार, 16 मई 2017

जीएसटी GST खास बातें


संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विधेयक के पारित होने की उम्मीद जताई है.


जीएसटी का पूरा नाम गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) है. यह केंद्र और राज्यों द्वारा लगाए गए 20 से अधिक अप्रत्यक्ष करों के एवज में लगाया जा रहा है. जीएसटी 1 जुलाई से पूरे देश में लागू किया जाना है. जीएसटी लगने के बाद कई सेवाओं और वस्तुओं पर लगने वाले टैक्स समाप्त हो 

जीएसटी  GST खास बातें  :-

 1. सरकार के अनुसार, जीएसटी आज़ादी के बाद टैक्स सुधार का सबसे बड़ा कदम है. इससे जीडीपी में वृद्धि और रोज़गारों का सृजन होगा. 13वें केंद्रीय वित्त आयोग के अनुसार जीएसटी से कर संकलन में हो रहे कई तरह के व्यर्थ के खर्चों को रोकने में भी इससे सहायता मिलेगी और इससे राज्यों की आर्थिक हालात में सुधार होगा.

क्या होता है GST 

2. विश्व के लगभग 160 देशों में जीएसटी की कराधान व्यवस्था लागू है. भारत में इसका विचार अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा साल 2000 में लाया गया.

3. जीएसटी लागू होने के बाद सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स, एडिशनल कस्टम ड्यूटी (सीवीडी), स्पेशल एडिशनल ड्यूटी ऑफ कस्टम (एसएडी), वैट / सेल्स टैक्स, सेंट्रल सेल्स टैक्स, मनोरंजन टैक्स, ऑक्ट्रॉय एंड एंट्री टैक्स, परचेज टैक्स, लक्ज़री टैक्स खत्म हो जाएंगे.

https://youtube.com/shorts/o26UfJI45DU?feature=share https://youtube.com/shorts/LDF2UWb2pZ4?feature=share
4. जीएसटी लागू होने के बाद वस्तुओं एवं सेवाओं पर केवल तीन तरह के टैक्स वसूले जाएंगे. पहला सीजीएसटी, यानी सेंट्रल जीएसटी, जो केंद्र सरकार वसूलेगी. दूसरा एसजीएसटी, यानी स्टेट जीएसटी, जो राज्य सरकार अपने यहां होने वाले कारोबार पर वसूलेगी. तीसरा होगा वह जो कोई कारोबार अगर दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर आईजीएसटी, यानी इंटीग्रेटेड जीएसटी वसूला जाएगा. इसे केंद्र सरकार वसूल करेगी और उसे दोनों राज्यों में समान अनुपात में बांट दिया जाएगा.

5. जीएसटी लागू होने से हर प्रकार की खरीद फरोख्त इस कर व्यवस्था के तहत आ जाएगी, जिससे लोगों के लिए करों की चोरी कर पाना आसान नहीं होगा. कहा जा रहा है कि जीएसटी काले धन से निपटने के लिए एक मजबूत हथियार साबित होगा.

6. जानकारों की राय में शुरुआती तीन सालों में जीएसटी महंगाई बढ़ाने वाला टैक्स साबित होगा, जैसा मलेशिया और अन्य देशों के उदाहरणों से स्पष्ट है. अभी हम सारी सेवाओं पर लगभग 14.5 फीसदी सर्विस टैक्स दे रहे हैं, जो जीएसटी लागू होने पर 18% से 22% के बीच हो जाएगा. यानी कि जीएसटी लागू होने के बाद सिनेमा हॉलों के टिकट, होटल का बिल, बैंकिंग सेवा, यात्रा टिकट आदि महंगी हो जाएंगी.

मंगलवार, 21 मार्च 2017

ज्वेलरी मेकिंग का बिज़नेस ,


आज के समय में हर व्यक्ति ये चाहता है की उसका अपना बिज़नेस हो और बहुत सरे लोग उसके कम्पनी में काम करे या उसके अंडर में काम करे सभी उसको बॉस या सर कह कर बुलाये। आज के समय में सभी ये चाहते है की उसका अपना बिज़नेस हो लेकिन कंफ्यूज़ रहते है की उनको कौन सा बिज़नेस करना चाहिए।
तो आइये आज मैं आप को  और बिज़नेस के बारे में बताने जा रहा हु जिसको सुना तो सभी ने होगा लेकिन स्टार्ट कैसे करे और इसके लिए क्या करना पड़े गा। कागजी करवाई क्या -क्या करनी पड़े गी। तो उस बिज़नेस का नाम है ज्वेलरी मेकिंग का बिज़नेस , 
आज के दौर में ज्वेलरी मेकिंग सिर्फ सुनारों का ही खानदानी काम नहीं रहा। आप भी गहने बनाने के काम में अपना भविष्य बना सकते हैं। शुरू में थोड़े इन्वेस्टमेंट के साथ आप अपना काम भी शुरू कर सकते हैं। कैसे,  

जिस तरह ज्वेलरी अब सिर्फ सोने-चांदी का नाम नहीं है, ठीक वैसे ही यह काम अब केवल सुनारों का नहीं रह गया है। ज्वेलरी की बढ़ती डिमांड और बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते अब इस क्षेत्र में पढ़े-लिखे डिग्रीधारी प्रोफेशनल्स को काम करने का मौका मिलने लगा है। भारत रत्न विज्ञान केंद्र के निदेशक एपी सिंह ने बताया कि ‘ज्वेलरी मेकिंग में भारत दुनिया भर में सबसे आगे हो चुका है। यहां सस्ते और अच्छे कारीगर मिलने की वजह से विश्व का ध्यान भारत की ओर टिका हुआ है।’
 अब वह दौर भी धीरे-धीरे जा रहा है, जब लोग ज्वेलरी को आवश्यकता की चीज यानी इन्वेस्टमेंट की नजर से ज्यादा और साज-सज्जा यानी श्रृंगार की सोच से कम खरीदा करते थे। आजकल लोग इन्वेस्टमेंट के साथ इस बात पर विशेष ध्यान देने लगे हैं कि वे जिस आभूषण को खरीद रहे हैं, उसका डिजाइन कैसा है और वह पहनने पर कैसा लगेगा। डिजाइन अच्छा होगा तो उसे पहनने वाले की सुंदरता में भी चार चांद लगेंगे। लोगों की इसी सोच के चलते अब सोने-चांदी के अलावा आर्टिफिशियल और कॉस्टय़ूम ज्वेलरी की भी बाजार में काफी डिमांड है।
 खैर, ज्वेलरी चाहे सोने-चांदी की हो या आर्टिफिशियल या कॉस्टय़ूम, दोनों को तैयार करने वालों को प्रशिक्षण एक ही तरह का दिया जाता है। आजकल के बदलते ट्रेंड और इस क्षेत्र में करियर के उम्दा चांस मिलने के चलते युवा इस ओर खूब रुख कर रहे हैं। इस क्षेत्र में पैसे की भी कोई कमी नहीं है।
 ज्वेलरी मेकर्स का काम
इस क्षेत्र में काम करने वालों को आभूषण बनाना, उन्हें मॉडिफाई करना, डिजाइन करना आदि के अलावा जैमोलॉजी की बेसिक जानकारी तथा कास्टिंग टेक्नोलॉजी, ज्वेलरी का इतिहास, स्टोन कटिंग एंड इनेबलिंग यानी नक्काशी, रत्नों की शुद्घता मापना, रत्नों का चुनाव, मूल्य, सेटिंग, पॉलिशिंग, सोइंग एवं सोल्डरिंग, फेब्रिकेशन, रिपेयरिंग, रत्नों के अलावा टेराकोटा मोतियों और हाथी दांत व सीपियों का प्रयोग करना सिखाया जाता है। अगर आप कला में रुचि रखते हैं। दसवीं या बारहवीं पास हैं और अपना काम करना चाहते हैं या आपको नौकरी उतनी अच्छी नहीं मिल रही है अथवा आप परीक्षाओं में अच्छे अंक नहीं ला पाए हैं तो आप ज्वेलरी मेकिंग का काम सीख कर इस क्षेत्र में बहुत अच्छा पैसा कमा सकते हैं। कैसे, आइए जानें-
 जगह का चुनाव
ज्वेलरी मेकिंग या डिजाइनिंग के लिए कम से कम 10 फुट चौड़े और 12 फुट लंबाई वाले कमरे की जरूरत होती है। बड़ा काम करने के लिए उसी हिसाब से जगह की ज्यादा जरूरत होती है। अगर आपने तार खींचने का काम या लड़ी जोड़ने यानी पिरोने अथवा टांका लगाने का काम सीखा हुआ है तो आप इस काम को एक काउंटर लगा कर भी कर सकते हैं। यह काम आप सुनारों या आर्टिफिशियल ज्वेलरी बाजारों के आसपास या उनके द्वारा डिजाइनिंग के लिए संपर्क किए जाने वाले बाजारों में शुरू करते हैं तो आपका काम आसानी से चल सकता है, क्योंकि तब आपको ऑर्डर लेने के लिए सुनारों या आर्टिफिशियल ज्वेलरी व्यापारियों के पास कम जाना पड़ेगा, मतलब आपको मार्केटिंग कम करनी पड़ेगी।
 उपकरण और मशीनें
इस काम को करने के लिए आपको अनेक उपकरणों एवं कुछ मशीनों की जरूरत पड़ेगी, जो इस प्रकार हैं- कटर, रेती, कुठाली, प्लास, पेचकस, गैस बर्नर, कोयले की भट्ठी, पिघलती भट्ठी, सांचे, कास्टिंग प्लांट, वैक्स मोल्ड यानी मोम के सांचे, वायर, ड्राइंग मशीन, कंप्यूटर आदि।
 लागत
 इस काम को करने में कम से कम पांच लाख रुपए का खर्च आता है। आप जितना बड़ा काम करना चाहेंगे, लागत भी उतनी ही अधिक आएगी।
 अगर आप केवल टांका लगाने का काम करते हैं या तार खींचने का काम या लड़ी जोड़ने यानी पिरोने का काम करना चाहते हैं तो आपका काम बीस-तीस हजार रुपए में शुरू हो सकता है। जगह का खर्च आपको अलग से वहन करना पड़ेगा।
 सहयोग
सहयोग से  मतलब आपको इस काम को करने के लिए कम से कम कितने वर्कर्स की आवश्यकता पड़ेगी तो आपको बता दें कि पांच लाख की लागत लगा कर काम शुरू करने पर आपको कम से कम 15 लोगों की आवश्यकता पड़ेगी। अगर आप काउंटर लगाकर काम शुरू करते हैं तो आपको किसी अन्य व्यक्ति की सहायता की जरूरत नहीं पड़ेगी या काम के हिसाब से आप कारीगर रख सकते हैं।
प्रमुख संस्थान  - ज्वेलरी मेकिंग का प्रशिक्षण देने वाले प्रमुख संस्थानों के नाम व पते इस प्रकार हैं-
 1. रत्न परीक्षण प्रयोगशाला: राजस्थान चेंबर भवन, द्वितीय तल, मिर्जा इस्माइल रोड, जयपुर-302003, 
                                   वेबसाइट: www.gjepcindia.com
 2. रत्न भारतीय हीरा संस्थान: कैटरम गिड्स, पोस्ट बॉक्स नं़-508, सुमुल डेयरी रोड, सूरत-395008, गुजरात
                                 वेबसाइट: www.diamondinstitute.net
 3. रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धक परिषद: डॉं बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर मार्ग, मुंबई
                                 वेबसाइट: www.giepc.org
 4. भारत रत्न विज्ञान केंद्र: झंडेवालान, नई दिल्ली,
                                वेबसाइट: www.brvc.com
 5. भारतीय रत्न विज्ञान संस्थान: नई दिल्ली
 6. दिल्ली जैम एंड ज्वेलरी इंस्टीटय़ूट: नई दिल्ली,
                               वेबसाइट : www.gemologyindia.com
7. मुख्य रत्न विशेषज्ञ एवं ज्वेलरी मेकिंग प्रशिक्षक, दिल्ली जैम एंड ज्वेलरी इंस्टीटय़ूट, नई दिल्ली
 योग्यता
ज्वेलरी मेकर बनने के लिए डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स करना आवश्यक है। इसके लिए आपकी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता बारहवीं होनी चाहिए। कुछ प्राइवेट संस्थान दसवीं पास छात्रों को भी प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। बड़े संस्थान लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर प्रवेश देते हैं।
 कोर्स की अवधि
ज्वेलरी मेकिंग के कोर्सेज की अवधि तीन माह से लेकर दो साल तक है। इसमें तीन से छह माह के सर्टिफिकेट कोर्स होते हैं, जबकि एक से दो साल में डिप्लोमा कोर्स कराए जाते हैं। आजकल कुछ संस्थान साप्ताहिक कोर्स भी कराते हैं, जिनमें टांका लगाना, ज्वेलरी साफ करना, तार खिंचाई, लड़ी जोड़ना सिखाया जाता है।
 शुल्क
ज्वेलरी मेकिंग के कोर्स का शुल्क प्रशिक्षण अवधि, कोर्स और संस्थान पर निर्भर करता है। इस काम को सिखाने वाले संस्थान 10 हजार रुपए से दो लाख रुपए तक चार्ज करते हैं। जो संस्थान सिर्फ टांका आदि लगाना सिखाते हैं, वे एक हजार से पांच हजार तक वसूलते हैं।
 आमदनी
ज्वेलरी मेकिंग का काम एक ऐसा काम है, जिसमें आपकी आमदनी अच्छी होने के साथ बढ़ती ही रहती है। इस काम में सोने-चांदी का 15 प्रतिशत हिस्सा अलॉय यानी दो-तीन धातुओं के मिश्रण में और 5 प्रतिशत हिस्सा ढलाई में मिलता है। मोटे तौर पर कहें तो कुल मिला कर अलग-अलग जगहों के हिसाब से 14, 15, 18 या 23 प्रतिशत हिस्सा बनाने वाले को मिलता है और बनवाई अलग से मिलती है। अन्य धातुओं से ज्वेलरी बनाने में केवल बनवाई मिलती है। शुद्घ आमदनी की अगर बात की जाए तो पांच लाख रुपए की लागत से शुरू किए गए काम से आप लाखों रुपए महीने तक कमा सकते हैं, जबकि आर्टिफिशियल या कॉस्ट्यूम ज्वेलरी बनाने में कुछ कम आमदनी होती है। आपका काम जितने बड़े स्तर का होगा या बढ़ेगा, उसी हिसाब से आमदनी भी बढ़ेगी।
सरकारी  सहायता  या लोन 
ज्वेलरी मेकिंग का काम शुरू करने के लिए अगर आपके पास पर्याप्त पैसा नहीं है तो आप लोन भी ले सकते हैं। इसके लिए आपके पास दो रास्ते हैं। एक निजी स्तर पर सीधे बैंक से लोन लेने का और दूसरा सरकारी संस्थान के सर्टिफिकेट पर ग्रामीण या शहरी स्वरोजगार योजना की स्कीमों के अंतर्गत लोन लेकर काम शुरू करने का। दोनों ही तरह से आपको जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे। इन दस्तावेजों में प्रोजेक्ट रिपोर्ट, जगह के कागज, बैंक या स्कीम के मुताबिक सिक्योरिटी मनी, शिक्षा के प्रमाण-पत्र, आईडी प्रूफ, पासपोर्ट साइज फोटो आदि शामिल हैं। इसके अलावा आपको दो गवाह भी चाहिए। लोन की राशि आपकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट, कार्य का आकार-प्रकार और जगह की वैल्यू पर निर्भर करेगी । इसमें कम पढ़े-लिखे भी करियर बना सकते हैं 
ज्वेलरी मेकिंग का काम विश्व के सबसे तेजी से फलते-फूलते व्यवसायों में पहले नंबर पर है। पहले मशीन से बनी ज्वेलरी भारत में आयात की जाती थी, लेकिन आज भारत में बनी मशीनों की ज्वेलरी चीन आदि को निर्यात की जाती है। आज जहां भारत के कोलकाता से सिलगिरी, पठानकोट से फूलों वाले डिजाइन की ज्वेलरी, राजस्थान से कुंदन ज्वेलरी, तमिलनाडु से थप्पावर्क ज्वेलरी निर्यात होती है, वहीं कोयम्बटूर से मुगलकालीन ज्वेलरी दुबई निर्यात की जाती है। दुबई में बिकने वाली ज्वेलरी में 60 प्रतिशत ज्वेलरी यहीं से जाती है। इधर मुंबई स्थित सीप्स में ज्वेलरी का काम बहुत बड़े स्तर पर होता है।

इस काम की ग्रोथ अच्छी है। हर साल 13 से 15 प्रतिशत के हिसाब से इस काम को करने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। सिर्फ सोने-चांदी के ही नहीं, आर्टिफिशियल और कॉस्टय़ूम के बने भारतीय आभूषण भी विदेशी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। ज्वेलरी मार्केट की जानकारी रखने वाले सभी युवा आज इस क्षेत्र की ओर रुख कर रहे हैं। इस क्षेत्र में कोई भी दसवीं-बारहवीं तक पढ़ा-लिखा युवा कदम रख सकता है और बहुत कम समय में अच्छा पैसा कमा सकता है। अगर आप सही से काम करते हैं तो आपके लिए यह एक ऐसा क्षेत्र साबित होगा, जिसमें लगाई गई लागत आप सारे खर्च निकाल कर एक साल के अंदर-अंदर वापस पा सकते हैं। यह भी हो सकता है कि आप एक ही साल में लाभ भी कमा लें।

बुधवार, 8 मार्च 2017

कैसे शुरू करें अपनी सिक्युरिटी एजेंसी

आज के समय में हर व्यक्ति ये चाहता है की उसका अपना बिज़नेस हो और बहुत सरे लोग उसके कम्पनी में काम करे या उसके अंडर में काम करे सभी उसको बॉस या सर कह कर बुलाये। आज के समय में सभी ये चाहते है की उसका अपना बिज़नेस हो लेकिन कंफ्यूज़ रहते है की उनको कौन सा बिज़नेस करना चाहिए।

गुरुवार, 17 नवंबर 2016

500 और 1000 के नोट वापस केंद्र सरकार ने दी राहत




बाजार से 500 और 1000 के नोट वापस लिए जाने के फैसले से आम जनता को हो रही परेशानी के 

मद्देनजर केंद्र सरकार ने कुछ और राहत देने की कोशिश की है। इसकी जानकारी मैं देने जा रहा हु इस

जानकारी को मैंने इन्टरनेट से निकाला  निकाला है जो की सही या गलत भी हो सकती है 

1.किसानों के अलावा उन परिवारों को छूट दी गई है, जिनके यहां शादी है। हालांकि, काउंटर पर नोट 

बदलने की सीमा को घटाकर 2000 रुपये कर दिया गया है।

2- एग्रीकल्चर प्रॉडक्ट मार्केट कमिटी (एपीएमसी) से रजिस्टर्ड व्यापारियों को प्रति हफ्ते 50 हजार 

रुपये तक निकालने की छूट मिलेगी।

3- किसानों को अपने माल की कीमत उनके खातों में चेक या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से मिली है, तो वे प्रति 

हफ्ते 25 हजार रुपये निकाल सकते हैं।

4-जिन परिवारों में शादी है, वे अपने बैंक अकाउंट से ढाई लाख रुपये तक निकाल सकते हैं।

5-फसल बीमा की किश्त जमा कराने के लिए टाइम लिमिट को 15 दिन और बढ़ा दिया गया है।

6- काउंटर से पुराने 500 और 1000 के नोट बदलने की सीमा 18 नवंबर (शुक्रवार) से 4500 से घटकर 

2000 रुपये रह जाएगी।

7-केंद्र सरकार के ग्रुप सी तक के कर्मचारी दस हजार रुपये तक की अडवांस सैलरी कैश में निकाल सकते 

हैं। यह उनके नवंबर महीने की सैलरी में अजस्ट कर दी जाएगी।

KYC खाताधारकों को ही मिलेगी छूट


वित्त सचिव ने यह साफ कर दिया कि सभी छूट सिर्फ उन खाताधारकों को मिलेगी, जिनके अकाउंट 

केवाईसी सत्यापित हैं। शादी वाले परिवारों को दी गई छूट के बारे में वित्त सचिव ने बताया कि घर के 

सिर्फ एक सदस्य पिता या मां को ही 2.5 लाख रुपये निकालने की छूट मिलेगी। वित्त सचिव के 

मुताबिक, एटीएम मशीनों से पैसा निकालने में हो रही परेशानी के मद्देनजर आरबीआई की ओर से 

गठित टास्क फोर्स ने मीटिंग कर एक रोडमैप तैयार किया है। एटीएम को रिकैलिब्रेट करने का काम 

जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

मंगलवार, 8 नवंबर 2016

500 रुपए के नए फीचर्स


तो दोस्तों जैसा की आप सब जानते ही है की आज रात ८ नवम्बर को मोदी जी की तरफ से 500  और 1000  नोट बंद करने का आदेश हुआ है  तो बहुत से लोगो को इस बात की जानकारी नहीं होगी की जो नए नोट आये गए वो दिखने में कैसा होगा और उसमे कैसे -कैसे फीचर्स  होंगे। मतलब की उसको हम कैसे  पहचाने तो आज मैं यहाँ पर आप सभी को इसका हल बताने जा रहा हु। 


500 रुपए के नए फीचर्स

1. नोट के आगे की तरफ सी थ्रू रजिस्टर में पांच सौ रुपए लिखा होगा। आईडेंटिफिकेशन मार्क के ऊपर दिखाई देने वाली फूल सी आकृति सी थ्रू रजिस्टर के नाम से जानी जाती है।

2. 500 रुपए की लेटेंट इमेज होगी। गांधी जी की फोटो के साइड में लेटेंट इमेज होती है। इसमें जितने का नोट है उसकी संख्या लिखी होती है।

 3. देवनागरी में नोट पर वैल्यू यानी 500 लिखा होगा।

4. इसके बीच में महात्मा गांधी की पोट्रेट होगी। पहले ये नोट पर दाएं  तरफ थी।

 5. इसमें सिक्युरिटी थ्रेड होगा। नोट को झुकाने पर इसका कलर थ्रेड ग्रीन से ब्लू में बदलेगा।

6. नोट के दाएं तरफ गारंटी क्लॉज, प्रॉमिस क्लॉज और गवर्नर के सिग्नेचर होंगे। वहीं आरबीआई का चिन्ह होगा।

7. पोट्रेट और इलेक्ट्रोटाइप वाटरमार्क।

8. नोट के ऊपर से लेफ्ट साइड और नीचे से राइट साइड नंबर पैनल होगा। पैनल में नंबर छोटे से बड़े होंगे।

9. नीचे से दाएं तरफ रुपए के सिंबल के साथ नोट की नंबर वाली वैल्यू होगी। ये ग्रीन से ब्लू में बदल जाएगी।

 10. नोट के दाएं तरफ ही अशोका पिलर होगा। कमजोर आंखों वालों के लिए महात्मा गांधी की पोट्रेट, अशोक स्‍तंभ और ब्लीड लाइन और आइडेंटिटी मार्क उभरा हुआ होगा।​

 11. राइट साइड में रेकट्राइंगल का साइन उभरा हुआ होगा। जिसमें 500 लिखा होगा।

 12. लेफ्ट और राइट साइड सात एंगुलर ब्लीड लाइन उभरी हुई होगी।

13. नोट की पीछे की तरफ लेफ्ट साइड प्रिंटिंग ईयर छपा होगा।

14. लेफ्ट साइड पर ही स्वच्छ भारत का लोगो और स्लोगन होगा।

 15. पीछे की तरफ लैंग्वेज पैनल बीच में होगा।

16.इसके पीछे की तरफ तिरंगा फहरे हुए लाल किले की फोटो होगी। ये भारत के हेरिटेज को दर्शाता है।


17. पीछे नोट में देवनागरी में नोट की वैल्यू यानी 500 लिखा होगा।

बुधवार, 2 नवंबर 2016

21mm की पथरी को गला देगा ये घरेलु उपाय सिर्फ 5 दिन में


पित्त की थैली (Gallbladder)/किडनी की पथरी9 :

आयुर्वेद का एक ऐसा चमत्कार जिसे देखकर एलॉपथी डॉक्टर्स ने दांतों तले अंगुलियाँ चबा ली। जो डॉक्टर्स कहते थे के गाल ब्लैडर स्टोन अर्थात पित्त की थैली की पथरी निकल ही नहीं सकता, उनकी जुबान हलक से नीचे पेट में गिर गयी।सिर्फ एक नहीं अनेक मरीजों पर सफलता से आजमाया हुआ ये प्रयोग। इस प्रयोग को एक डॉक्टर तो 5000 से लेकर 10000 में करते हैं। जबकि इस प्रयोग की वास्तविक कीमत सिर्फ 30-40 रुपैये ही है। यह प्रयोग गाल ब्लैडर और किडनी दोनों प्रकार के स्टोन को निकालने में बेहद कारगर है।

इस प्रयोग को हमने जिन पर आजमाया वो कोई छोटी मोटी हस्ती नहीं हैं, ये हैं डॉक्टर बिंदु प्रकाश मिश्रा जी, जो के महर्षि दयानंद कॉलेज परेल मुंबई में मैथ के प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। और यूनिवर्सिटी सीनेट के सदस्य भी हैं. डॉक्टर साहब के 21 MM का स्टोन 8 साल से गाल ब्लैडर में था, और अत्यंत दर्द था। डॉक्टर ने इनको गाल ब्लैडर तुरंत निकलवाने की सलाह भी दे दी। मगर इन्होने आयुर्वेद की शरण में जाने की सोचा। और फिर क्या बस 5 दिनों में ये स्टोन कहाँ गायब हो गया, पता ही नहीं चला। 5 दिन बाद जब दोबारा चेक करवाया तो गाल ब्लैडर स्टोन की जगह बस थोड़ी बहुत रेत जैसा दिखा, जिसके बाद डॉक्टर ने उनको थोडा दवाएं लेने के लिए कहा!! तो क्या है वो प्रयोग आइये जाने –

गाल ब्लैडर स्टोन की चमत्कारी दवा :

तो क्या है ये चमत्कारी दवा। ये कुछ और नहीं ये है गुडहल के फूलों का पाउडर अर्थात इंग्लिश में कहें तो Hibiscus powder। ये पाउडर बहुत आसानी से पंसरी से मिल जाता है। अगर आप गूगल पर Hibiscus powder नाम से सर्च करेंगे तो आपको अनेक जगह ये पाउडर online मिल जायेगा। और जब आप online इसको मंगवाए तो इसको देखिएगा organic hibiscus powder16 क्योंकि आज कल बहुत सारी कंपनिया आर्गेनिक भी ला रहीं हैं तो वो बेस्ट रहेगा। कुल मिला कर बात ये है के इसकी उपलबध्ता बिलकुल आसान है। अब जानिये इस पाउडर को इस्तेमाल कैसे करना है।
गाल ब्लैडर स्टोन निकालने के लिए गुडहल के पाउडर के इस्तेमाल की विधि :


गुडहल का पाउडर एक चम्मच रात को सोते समय खाना खाने के कम से कम एक डेढ़ घंटा बाद गर्म पानी के साथ फांक लीजिये। ये थोडा कड़वा होता है। इसलिए मन भी कठोर कर के रखें। मगर ये इतना भी कड़वा नहीं होता के आप इसको खा ना सकें। इसको खाना बिलकुल आसान है। इसके बाद कुछ भी खाना पीना नहीं है. डॉ. मिश्रा जी के अनुसार, क्यूंकि उनके स्टोन का साइज़ बहुत बड़ा था उनको पहले दो दिन रात को ये पाउडर लेने के बाद सीने में अचानक बहुत तेज़ दर्द हुआ, उनको ऐसा लगा मानो जैसे हार्ट अटैक आ जायेगा। मगर वो दर्द था उनके स्टोन के टूटने का . जो दो दिन बाद नहीं हुआ। और 5 दिन के बाद कहीं गायब हो गया था और पीछे रह गयी थी उसकी यादें रेत बनकर, जिनका सफाई अभियान अभी चल रहा है। इसके साथ में उनको प्रोस्टेट enlargement की समस्या भी थी, वो भी सही हो गयी। इसके बाद यही प्रयोग उन्होंने एक दूधवाले और एक और आदमी पर भी किया जिनका स्टोन 8 mm और 10 mm था, उनको यही प्रयोग बिना किसी दर्द के बिलकुल सही हुआ। अर्थात अगर स्टोन का साइज़ बड़ा है तो वो दर्द कर सकता है।

यही प्रयोग एक बहुत ही प्रतिष्ठित डॉ कम से कम 5 से 10 हज़ार लेकर लोगों को करवाते हैं। और आपके लिए हम इसको फ्री में उपलब्ध करवाते है जन हित के लिए। आप भी इसको ज़रूर शेयर करें। जुड़े रहें आयुर्वेद हीलिंग के साथ।

इस प्रयोग में थोड़ी सावधानी :


पालक, टमाटर, चुकंदर, भिंडी का सेवन न करें। और अगर आपका स्टोन बड़ा है तो ये टूटने समय दर्द भी कर सकता है। पाठक गण अपने विवेक से इस प्रयोग को करें वो भी किसी चिकित्सक की उपस्थिति में।

गुरुवार, 13 अक्टूबर 2016

कैसे भरे फॉर्म समाजवादी स्मार्टफोन में



हेल्लो दोस्तों ,

जैसा की आप सभी समझ ही गये होंगे हमारी ऊपर की हैडलाइन देखकर। की आज मैं आप सभी को किस बारे में बताने जा रहा हु। हा दोस्तों आज मैं आप सभी को समाजवादी स्मार्टफोन योजना के बारे में बताने जा रहा हु। आज के समय में हम सभी को एक स्मार्टफोन की जरूरत पड़ती है। या यो कहे की हमारी जीवन में हमारा स्मार्टफान बहुत ही जरुरी हो गया है। 


समाजवादी स्मार्टफोन योजना उत्तरप्रदेश सर्कार द्वारा सुरु की जाने वाली एक नयी योजना है। जिसके अन्तर्गत उत्तरप्रदेश सर्कार लोगो को फ्री में स्मार्टफोन उपलब्ध कराये गी। इस योजना को मुख्यमंत्रि श्री अखिलेश जी द्वारा की गयी है। 


इस नयी योजना को उत्तर प्रदेश सर्कार ने अगले साल होने वाले चुनाव को ध्यान में रखता हुए किया है जिससे मतदाताओ को अपनी तरफ ज्यादा से ज्यादा आकर्षित किया  जा सके। इसी वजह से सरकार पार्टी का नाम इस योजना के साथ जोड़कर लिख दिया है अगर हमारे मुख्यमंत्री जी ये चुनाव जीतते है तो सभी पात्र व्यक्तियों को स्मार्टफोन उनके घर पंहुचा दिए जाये गे। 

कैसे करे  आवेदन समाजवादी स्मार्टफोन योजना  में --

योजना के लिए आवेदन की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध होगी। जो भी इच्छुक आवेदक आवेदन करना चाहते हैं वो ऑनलाइन वेबसाइट के जरिये आवेदन कर सकते हैं बशर्ते वो आवेदन के लिए पात्र हों।
 अगर आप अभी  इस साइट पर जाना चाहते है तो यहाँ क्लिक करे। और हमारे द्वारा किये गए कार्यो का फॉलोअप  करे वो भी स्टेप by स्टेप। जब आप लिंक पर क्लिक करे गे तो नीचे दिए गए इमेज की तरह खुलेगा।

1 . अब आप को इसी पेज में पंजीकरण करे दिखाई देगा उसपर क्लिक करे। उसके बाद एक फॉर्म खुलेगा आप उसको सही -सही भरे और सेव करने से पहले आप चेक कर ले क्यों की आप उसमे दोबारा करेक्शन (सही ) नहीं कर सकते है।
कुछ फॉर्म की इमेज इस तरह होगी। 

फॉर्म को कैसे भरे -------
1. आप को अपना नाम भरना है  जो आप की 10th की मार्कशीट में दिया गया हो वो भी 3 भागो में जैसे  अमन मस्ताना कटियार  ( पहले में अमन  दूसरे में  मस्ताना  और तीसरे में कटियार  भरना है  )

2. आप अपना सेक्स  (लिंग  ) बताये  (स्त्री  या  पुरुष  )
3. जन्म की तारीख महीना  और इयर  बताये  जैसे ( 12 -जनवरी  - 1950  )
4. अपना परमानेंट मोबाइल नंबर दे  (उसमे एक कोड और आप का पासवर्ड आये गा  इसको आप बाद में बदल भी सकते है )
5. अपने माता /पिता /पत्नी /पति  का नाम भरे बिना श्री या श्रीमती  लगाए 
6. अपने जनपद का नाम चुने (कानपुर  नगर / कानपुर देहात  / आगरा  /इत्यादि )
7. बगल में दिया गया नम्बर बॉक्स में भरे। 
8. मैं प्रमाणित करता हूँ कि मेरी वार्षिक पारिवारिक आय 6 लाख रुपये से कम है | पर क्लिक करे। 
9. मैं प्रमाणित करता हूँ कि मैं अथवा मेरे अभिभावक श्रेणी - 1 अथवा श्रेणी - 2 के शासकीय अधिकारी नहीं है ।पर क्लिक करे। 
१०. निर्देशो को पढ़कर इसको सबमिट करे। 

अब आप के दिए गए मोबाइल में एक MSG मैसेज  आये गा।  और आप के कंप्यूटर  में  धन्यवाद  (ThankYou  ) दिखाई दे गा। और उसके निचे के निर्देशो को पढ़ कर लॉगिन  (Login  ) पर क्लिक करे। 


जब आप लॉगिन पर क्लिक करे गे तभी आगे का फॉर्म खुले गा। अब आप को एक नयी विण्डो दिखाई दे गी। जिसमे आप को बाकी की जानकारी भरनी है लेकिन उसके पहले आप को अपना आवेदन आईडी  डालनी पड़े गी। और अपना पासवर्ड डालना पड़ेगा। 

अब आप सोच रहे होंगे की ये क्या होता है तो घबराईये मत जो Msg आप के मोबाइल पर आया था उसको खोलिये और देखिये उसमे आप को अपना आवेदन आईडी और अपना पासवर्ड मिल जाये गा। आप वो डालिये और बगल में दिए गए नम्बर बॉक्स में डाले  और लॉगिन  (Login ) पर क्लिक करे। 

उसके  बाद लॉगिन होते ही एक नया फॉर्म खुल जाये गा।  उसमे एक कोने पर आप का नाम दिखाई दे गा। 

अब वो फॉर्म आप को भरना है। ...

1.आप का नाम पहले से भरा होगा। 
2. अपने जनपद का नाम भरा होगा अगर नहीं भरा है तो भर दे। अपने जनपद का नाम चुने (कानपुर  नगर / कानपुर देहात  / आगरा  /इत्यादि )
3. स्थानीय  निकाय  को सेलेक्ट करे और अपना अपने  (कानपुर  नगर  निगम / बिल्हौर   /इत्यादि ) चुने। 
4. अपने छेत्र  मतलब  अपने एरिया का चुने। 
5. अपना पूरा पता भरे। (पहले से आप का नाम और आप के पिता /माता /पति /पत्नी ) का नाम आये गा। 
6. अपना पूरा स्थायी पता भरे गांव  पोस्ट तहसील भरे अगर आप गांव से है तो (मतलब की पूरा पता )
7. अपने छेत्र  का डाकघर भरे और उसके बाद अपना डाकघर का पिनकोड नम्बर डाले। 
8. अपनी जाती चुने  (सामान्य  / अन्य पिछड़ा वर्ग  / अनसूचित जाती /अनुसूचित जनजाति  ) में कोई एक। 
9. अपने परिवार की सालभर की टोटल इनकम भरना है। 
10. किस साल में  आप में हाइस्कूल  किया है वो साल भरे  जैसे - 2001 / 2002 / 1996 
11. अपने मार्कशीट (अंकपत्र ) की  क्रमांक संख्या भरे। 
12. अपना फोटो  स्कैन किया हुआ सेलेक्ट करे (लेकिन याद रहे  उसका साइज  50  KB  से अधिक नहीं होना चाहिए। 
13. और अपनी  हाईस्कूल की मार्कशीट  या कोई समकछ  का साइज 100 KB  से अधिक ना हो उसको सेलेक्ट  करे। 
14. सभी निर्देश ध्यान से पढ़े और  उसके बाद  SAVE  & Preview  पर क्लिक करे। और अपना Preview देखे। 
15. लास्ट में अगर  कोई गलती है तो EDIT  पर क्लिक करे वरना फाइनल सबमिटेड  (Final Submited ) पर क्लिक  करे और अपना प्रिन्ट निकल ले। 

तो दोस्तों मैं आशा करता हु की आप को हमारे इस [पोस्ट से समाजवादी स्मार्टफोन  फॉर्म भरने में मदद मिले गी। अगर कोई परेशानी आती है तो आप निचे हमको मस्सेज कर सकते है। और अपने दोस्तों को भी बताये। 

आप का अपना 

अमन मस्ताना कटियार 

मंगलवार, 20 सितंबर 2016

एक अनोखी मोहब्बत



एक अनोखी मोहब्बत 


हेल्लो दोस्तों ,

आज मैं जो स्टोरी सुनाने जा रहा हु उस स्टोरी से हमको अपने जीवन में एक ऐसा सबक मिलता है जिससे हमको अपने जीवन में आने वाले सभी संकट का सामना करने में आसानी हो जाती है। तो आईये सुनते है वो कहानी। ... 


हुआ यों कि पति ने पत्नी को किसी बात पर तीन थप्पड़ जड़ दिए, पत्नी ने इसके जवाब में अपना सैंडिल पति की तरफ़ फेंका, सैंडिल का एक सिरा पति के सिर को छूता हुआ निकल गया। मामला रफा-दफा हो भी जाता, लेकिन पति ने इसे अपनी तौहिनी समझी, रिश्तेदारों ने मामला और पेचीदा बना दिया, न सिर्फ़ पेचीदा बल्कि संगीन, सब रिश्तेदारों ने इसे खानदान की नाक कटना कहा, यह भी कहा कि पति को सैडिल मारने वाली औरत न वफादार होती है न पतिव्रता। इसे घर में रखना, अपने शरीर में मियादी बुखार पालते रहने जैसा है। कुछ रिश्तेदारों ने यह भी पश्चाताप जाहिर किया कि ऐसी औरतों का भ्रूण ही समाप्त कर देना चाहिए।


बुरी बातें चक्रवृत्ति ब्याज की तरह बढ़ती है, सो दोनों तरफ खूब आरोप उछाले गए। ऐसा लगता था जैसे दोनों पक्षों के लोग आरोपों का वॉलीबॉल खेल रहे हैं। लड़के ने लड़की के बारे में और लड़की ने लड़के के बारे में कई असुविधाजनक बातें कही।

मुकदमा दर्ज कराया गया। पति ने पत्नी की चरित्रहीनता का तो पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया। छह साल तक शादीशुदा जीवन बीताने और एक बच्ची के माता-पिता होने के बाद आज दोनों में तलाक हो गया।

पति-पत्नी के हाथ में तलाक के काग़ज़ों की प्रति थी। दोनों चुप थे, दोनों शांत, दोनों निर्विकार। मुकदमा दो साल तक चला था। दो साल से पत्नी अलग रह रही थी और पति अलग, मुकदमे की सुनवाई पर दोनों को आना होता। दोनों एक दूसरे को देखते जैसे चकमक पत्थर आपस में रगड़ खा गए हों। दोनों गुस्से में होते। दोनों में बदले की भावना का आवेश होता। दोनों के साथ रिश्तेदार होते जिनकी हमदर्दियों में ज़रा-ज़रा विस्फोटक पदार्थ भी छुपा होता।

लेकिन कुछ महीने पहले जब पति-पत्नी कोर्ट में दाखिल होते तो एक-दूसरे को देख कर मुँह फेर लेते। जैसे जानबूझ कर एक-दूसरे की उपेक्षा कर रहे हों, वकील औऱ रिश्तेदार दोनों के साथ होते।दोनों को अच्छा-खासा सबक सिखाया जाता कि उन्हें क्या कहना है। दोनों वही कहते। कई बार दोनों के वक्तव्य बदलने लगते। वो फिर सँभल जाते।

अंत में वही हुआ जो सब चाहते थे यानी तलाक ................

पहले रिश्तेदारों की फौज साथ होती थी, आज थोड़े से रिश्तेदार साथ थे। दोनों तरफ के रिश्तेदार खुश थे, वकील खुश थे, माता-पिता भी खुश थे।

तलाकशुदा पत्नी चुप थी और पति खामोश था। यह महज़ इत्तेफाक ही था कि दोनों पक्षों के रिश्तेदार एक ही टी-स्टॉल पर बैठे , कोल्ड ड्रिंक्स लिया।
यह भी महज़ इत्तेफाक ही था कि तलाकशुदा पति-पत्नी एक ही मेज़ के आमने-सामने जा बैठे। लकड़ी की बेंच और वो दोनों .......

''कांग्रेच्यूलेशन .... आप जो चाहते थे वही हुआ ....'' स्त्री ने कहा।

''तुम्हें भी बधाई ..... तुमने भी तो तलाक दे कर जीत हासिल की ....'' पुरुष बोला।

''तलाक क्या जीत का प्रतीक होता है????'' स्त्री ने पूछा। 'तुम बताओ?''

पुरुष के पूछने पर स्त्री ने जवाब नहीं दिया, वो चुपचाप बैठी रही, फिर बोली, ''तुमने मुझे चरित्रहीन कहा था.... अच्छा हुआ.... अब तुम्हारा चरित्रहीन स्त्री से पीछा छूटा।''

''वो मेरी गलती थी, मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था'' पुरुष बोला।

''मैंने बहुत मानसिक तनाव झेली है'', स्त्री की आवाज़ सपाट थी न दुःख, न गुस्सा। ''जानता हूँ पुरुष इसी हथियार से स्त्री पर वार करता है, जो स्त्री के मन और आत्मा को लहू-लुहान कर देता है... तुम बहुत उज्ज्वल हो। मुझे तुम्हारे बारे में ऐसी गंदी बात नहीं करनी चाहिए थी। मुझे बेहद अफ़सोस है, '' पुरुष ने कहा।

स्त्री चुप रही, उसने एक बार पुरुष को देखा।

कुछ पल चुप रहने के बाद पुरुष ने गहरी साँस ली। कहा, ''तुमने भी तो मुझे दहेज का लोभी कहा था।''
''गलत कहा था''.... पुरुष की ओऱ देखती हुई स्त्री बोली। कुछ देर चुप रही फिर बोली, ''मैं कोई और आरोप लगाती लेकिन मैं नहीं...''

प्लास्टिक के कप में चाय आ गई। स्त्री ने चाय उठाई, चाय ज़रा-सी छलकी। गर्म चाय स्त्री के हाथ पर गिरी। स्सी... की आवाज़ निकली। पुरुष के गले में उसी क्षण 'ओह' की आवाज़ निकली। स्त्री ने पुरुष को देखा। पुरुष स्त्री को देखे जा रहा था।

''तुम्हारा कमर दर्द कैसा है?''ऐसा ही है कभी वोवरॉन तो कभी काम्बीफ्लेम,'' स्त्री ने बात खत्म करनी चाही। ''तुम एक्सरसाइज भी तो नहीं करती।'' पुरुष ने कहा तो स्त्री फीकी हँसी हँस दी। 'तुम्हारे अस्थमा की क्या कंडीशन है... फिर अटैक तो नहीं पड़े????'' स्त्री ने पूछा।

''अस्थमा।डॉक्टर सूरी ने स्ट्रेन... मेंटल स्ट्रेस कम करने को कहा है, '' पुरुष ने जानकारी दी। स्त्री ने पुरुष को देखा, देखती रही एकटक। जैसे पुरुष के चेहरे पर छपे तनाव को पढ़ रही हो। ''इनहेलर तो लेते रहते हो न?'' स्त्री ने पुरुष के चेहरे से नज़रें हटाईं और पूछा। ''हाँ, लेता रहता हूँ। आज लाना याद नहीं रहा, '' पुरुष ने कहा। ''तभी आज तुम्हारी साँस उखड़ी-उखड़ी-सी है, '' स्त्री ने हमदर्द लहजे में कहा। 'हाँ, कुछ इस वजह से और कुछ...'' पुरुष कहते-कहते रुक गया।

 ''कुछ... कुछ तनाव के कारण,'' स्त्री ने बात पूरी की। पुरुष कुछ सोचता रहा, फिर बोला, ''तुम्हें चार लाख रुपए देने हैं और छह हज़ार रुपए महीना भी।'' 'हाँ... फिर?'' स्त्री ने पूछा। 'वसुंधरा में फ्लैट है... तुम्हें तो पता है। मैं उसे तुम्हारे नाम कर देता हूँ। चार लाख रुपए फिलहाल मेरे पास नहीं है।'' पुरुष ने अपने मन की बात कही।

''वसुंधरा वाले फ्लैट की कीमत तो बीस लाख रुपए होगी??? मुझे सिर्फ चार लाख रुपए चाहिए....'' स्त्री ने स्पष्ट किया। ''बिटिया बड़ी होगी... सौ खर्च होते हैं....'' पुरुष ने कहा। 'वो तो तुम छह हज़ार रुपए महीना मुझे देते रहोगे,'' स्त्री बोली। ''हाँ, ज़रूर दूँगा।'' चार लाख अगर तुम्हारे पास नहीं है तो मुझे मत देना,'' स्त्री ने कहा। उसके स्वर में पुराने संबंधों की गर्द थी।

पुरुष उसका चेहरा देखता रहा....

कितनी सह्रदय और कितनी सुंदर लग रही थी सामने बैठी स्त्री जो कभी उसकी पत्नी हुआ करती थी।
स्त्री पुरुष को देख रही थी और सोच रही थी, ''कितना सरल स्वभाव का है यह पुरुष, जो कभी उसका पति हुआ करता था। कितना प्यार करता था उससे... एक बार हरिद्वार में जब वह गंगा में स्नान कर रही थी तो उसके हाथ से जंजीर छूट गई। फिर पागलों की तरह वह बचाने चला आया था उसे। खुद तैरना नहीं आता था लाट साहब को और मुझे बचाने की कोशिशें करता रहा था... कितना अच्छा है... मैं ही खोट निकालती रही...''

पुरुष एकटक स्त्री को देख रहा था और सोच रहा था, ''कितना ध्यान रखती थी, स्टीम के लिए पानी उबाल कर जग में डाल देती। उसके लिए हमेशा इनहेलर खरीद कर लाती, सेरेटाइड आक्यूहेलर बहुत महँगा था। हर महीने कंजूसी करती, पैसे बचाती, और आक्यूहेलर खरीद लाती। दूसरों की बीमारी की कौन परवाह करता है? ये करती थी परवाह! कभी जाहिर भी नहीं होने देती थी। कितनी संवेदना थी इसमें। मैं अपनी मर्दानगी के नशे में रहा। काश, जो मैं इसके जज़्बे को समझ पाता।''

दोनों चुप थे, बेहद चुप।

दुनिया भर की आवाज़ों से मुक्त हो कर, खामोश।

दोनों भीगी आँखों से एक दूसरे को देखते रहे....

''मुझे एक बात कहनी है, '' उसकी आवाज़ में झिझक थी।

''कहो, '' स्त्री ने सजल आँखों से उसे देखा।

''डरता हूँ,'' पुरुष ने कहा। ''डरो मत। हो सकता है तुम्हारी बात मेरे मन की बात हो,'' स्त्री ने कहा।

''तुम बहुत याद आती रही,'' पुरुष बोला।

''तुम भी,'' स्त्री ने कहा।

''मैं तुम्हें अब भी प्रेम करता हूँ।''

''मैं भी.'' स्त्री ने कहा।

दोनों की आँखें कुछ ज़्यादा ही सजल हो गई थीं।

दोनों की आवाज़ जज़्बाती और चेहरे मासूम।

''क्या हम दोनों जीवन को नया मोड़ नहीं दे सकते?'' पुरुष ने पूछा।

''कौन-सा मोड़?''

''हम फिर से साथ-साथ रहने लगें... एक साथ... पति-पत्नी बन कर... बहुत अच्छे दोस्त बन कर।''

''ये पेपर?'' स्त्री ने पूछा।


''फाड़ देते हैं।'' पुरुष ने कहा औऱ अपने हाथ से तलाक के काग़ज़ात फाड़ दिए। फिर स्त्री ने भी वही किया। दोनों उठ खड़े हुए। एक दूसरे के हाथ में हाथ डाल कर मुस्कराए। दोनों पक्षों के रिश्तेदार हैरान-परेशान थे। दोनों पति-पत्नी हाथ में हाथ डाले घर की तरफ चले गए। घर जो सिर्फ और सिर्फ पति-पत्नी का था।

आप का अपना 

अमन मस्ताना  कटियार 

गुरुवार, 15 सितंबर 2016

समाजवादी स्मार्टफोन योजना की पात्रता

समाजवादी स्मार्टफोन योजना की पात्रता 

हेल्लो दोस्तों ,

जैसा की आप सभी समझ ही गये होंगे हमारी ऊपर की हैडलाइन देखकर। की आज मैं आप सभी को किस बारे में बताने जा रहा हु। हा दोस्तों आज मैं आप सभी को समाजवादी स्मार्टफोन योजना के बारे में बताने जा रहा हु। आज के समय में हम सभी को एक स्मार्टफोन की जरूरत पड़ती है। या यो कहे की हमारी जीवन में हमारा स्मार्टफान बहुत ही जरुरी हो गया है। 


समाजवादी स्मार्टफोन योजना उत्तरप्रदेश सर्कार द्वारा सुरु की जाने वाली एक नयी योजना है। जिसके अन्तर्गत उत्तरप्रदेश सर्कार लोगो को फ्री में स्मार्टफोन उपलब्ध कराये गी। इस योजना को मुख्यमंत्रि श्री अखिलेश जी द्वारा की गयी है। 


इस नयी योजना को उत्तर प्रदेश सर्कार ने अगले साल होने वाले चुनाव को ध्यान में रखता हुए किया है जिससे मतदाताओ को अपनी तरफ ज्यादा से ज्यादा आकर्षित किया  जा सके। इसी वजह से सरकार पार्टी का नाम इस योजना के साथ जोड़कर लिख दिया है अगर हमारे मुख्यमंत्री जी ये चुनाव जीतते है तो सभी पात्र व्यक्तियों को स्मार्टफोन उनके घर पंहुचा दिए जाये गे। 

कैसे करे  आवेदन समाजवादी स्मार्टफोन योजना  में --

योजना के लिए आवेदन की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध होगी। जो भी इच्छुक आवेदक आवेदन करना चाहते हैं वो ऑनलाइन वेबसाइट के जरिये आवेदन कर सकते हैं बशर्ते वो आवेदन के लिए पात्र हों।


रजिस्ट्रेशन अथवा आवेदन प्रिक्रिया को पूर्ण रूप से ऑनलाइन किया जाएगा ताकि योजना को पारदर्शी रूप से बिना भ्रष्टाचार के पूरा किया जा सके। उत्तर प्रदेश सरकार लगभग एक महीने में ऑनलाइन आवेदन की वेबसाइट लांच करेगा जहाँ पर लोग जरूरी जानकारी भर कर स्मार्टफोन योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

समाजवादी स्मार्टफोन योजना के अन्तर्गत दिया गया स्मार्टफोन सरकार और जनता के बीच एक संचार साधन का काम करेगा। स्मार्टफोन इस तरह की एप्लीकेशन से लैस होगा जिनके द्वारा सरकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी यूजर को मिलती रहेगी। स्मार्टफोन यूजर इन योजनाओं और नीतियों के बारे में अपने विचार भी एप्लीकेशन के जरिये ही व्यक्त कर सकता है।

समाजवादी स्मार्टफोन योजना की पात्रता की सरते -

ये योजना अभी सुरु नहीं हुई है लेकिन मैं यहाँ पर कुछ बिन्दु /सरते  दे रहा हु  अधिक जानकारी तभी हो पाए गी। जब इस योजना को सुरु किया जाये गा। 

1. जो भी इस योजना में आवेदन करता है वो उत्तरप्रदेश का निवासी होना चाहिए। 
2. जो भी इस योजना में आवेदन करता है 1  जनवरी 2017 में 18 साल से कम का नहीं होना चहिये। 
3. जो भी इस योजना में आवेदन करता है उसकी घरेलु वार्षिक आय रुपये 6  लाख  से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। 
4. जो भी इस योजना में आवेदन करता है वो  10 th  (दसवी ) तक पड़ा होना चाहिए। 
5. जो भी इस योजना में आवेदन करता है वो सरकारी कर्मचारी  नहीं होना चाहिए। 
6. इस योजना में जो व्यक्ति पात्र होगा उसको पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर दिया जाये गा। 

इस योजना के अन्तर्गत जो स्मार्टफोन दिए जाये गे। उनमे सभी अलग -अलग तरह के सॉफ्टवेर लोड किये जाये गे।  और बहुत सारी जरूरी एप्लिकेशन पहले से ही पड़ी होगी। 

तो दोस्तों आप को हमारी ये  समाजवादी स्मार्टफोन योजना  की जानकारी कैसी लगी अगर पसन्द आयी हो तो अपने दोस्तों को बताये। 

आप का अपना 

अमन मस्ताना कटियार 

मंगलवार, 13 सितंबर 2016

क्या है Jio के सरप्राजिन्ग ऑफर

क्या है Jio के सरप्राजिन्ग ऑफर 

हेल्लो दोस्तों ,

दोस्तों जैसा की आप जानते है की 5 सितम्बर को JIO (जिओ )सिम  लॉन्च हो चुका है। और शायद आप इसको खरीद भी चुके होंगे। और अगर नहीं लिया है तो ये जानकारी आप के लिए बहुत ही जरूरी है। और अगर आप ये जानकारी कर ले गे तो आप के लिए बहुत फायदेमंद होगा।

तो दोस्तों मैयहाँ पर कुछ महत्वपूर्ण  बाते बताने जा रहा हु वो भी एक के बाद एक जो की आप के लिए बहुत ही  सरप्राजिन्ग ऑफर  -

1. किसी भी नेटवर्क पर वौइस् कॉल बिलकुल फ्री है
२. केवल मोबाइल में 5  पैसे प्रति MB डाटा चार्ज होगा।
3. Jio 4G  फ़ोन की कीमत केवल 2999 रूपए मात्र है।
4. Jio इन्टरनेट राऊटर की कीमत केवल 1999 रूपए मात्र है।
5. देश भर में रोमिंग बिलकुल फ्री है।
6. किसी त्यौहार में SMS का कोई चार्ज नहीं होगा।
7. Jio कनेक्शन केवल 15 मिनट आधार नंबर से एक्टिव होगा।
8. LTE डाटा रात में अनलिमिटेड
9. 300 live टीवी चैनल और 6 हज़ार मूवी वो भी फ्री
10 . 10 लाख Wi -Fi जोन पुरे देश में होंगे।

मेरी जानकारी के हिसाब से Jio 4G सिम में 1GB डाटा की कीमत केवल 50 रूपए होगी। और अगर आप जितना ज्यादा डाटा खर्च करते है तो उसकी दर घटती जाये गी। ये दुनिया का सबसे बड़ा सरप्राजिन्ग है सभी स्कूल और कॉलेज में Jio Wi -Fi की सुविधा फ्री में दिया जाये गा।

Question :- क्या Wi -Fi कालिंग और मैसेजस केवल 3 महीने के लिए फ्री रहे गे या लाइफटाइम रहे गे। 
ये  केवल 1 सितम्बर से 31 सितम्बर तक ही वौइस् कॉल और SMS  फ्री रहे गे। और उसके बाद वौइस् कॉल लाइफटाइम फ्री रहे गी। लेकिन जिओ के टैरिफ ऑफर के हिसाब से रहे गा। 

Question :- क्या वाईस कॉल सर्विस Jio to Jio  फ्री है या किसी दूसरे नेटवर्क पर भी फ्री रहे गी। 

मेरी जानकारी के हिसाब से पूरे भारत में किसी भी नेटवर्क पर लाइफटाइम फ्री रहे गी। 

Question :- 4G डाटा कबतक फ्री रहे गा और कब से चार्ज देना पड़े गा ।

केवल 31 दिसम्बर तक   4G डाटा  फ्री रहे गा  और उसके बाद टैरिफ के हिसाब से चार्ज देना पड़े गा । और  जियो ने पीक डाउनलोड स्पीड 135 MBPS रखने का टारगेट रखा है।

आप का अपना


अमन मस्ताना कटियार 

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